गोंडा। तरबगंज के उमरी गांव के सोनू ठाकुर ने खुद के भगवान श्रीराम के वंशज होने का दावा किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रपति को खून से पत्र लिखा है और कहा है कि वह प्रभु श्रीराम के वंशज हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के भाई लक्ष्मण की ससुराल उमरी गांव में ही थी और उनकी पत्नी उर्मिला के नाम से ही पहले नाम उर्मिलापुरी था, बाद में इसका नाम उमरी पड़ा।
उर्मिला का निधन उर्मि डीहा गांव में हुआ था। जहां आज भी एक सिद्ध मंदिर है। सुप्रीम कोर्ट में दावा पेश कर अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण का आदेश देने का अनुरोध किया है।
सोनू ठाकुर का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने भगवान श्रीराम के वंशज की बात कही थी। उसी के बाद मैंने पत्र खून से लिखा है। भगवान श्रीराम कलहंस क्षत्रिय थे और हमारे दादा के दादा का नाम खूनशाह था। वे अयोध्या से उमरी आए थे इसका साक्ष्य भी उनके पास था।
खूनशाह के चार बेटे थे, बड़े बेटे का नाम टिकैत सिंह, बदशाह सिंह, अवसान सिंह और चौथे का नाम था लहुरी सिंह था। मैं लहुरी सिंह का वंशज हूं। उमरी में उर्मिला का निधन हुुआ तो उर्मि नाम से मंदिर बना। मुगल शासक आए तो उन्होंने उमरी का नाम उमरीबेगमगंज करके उर्मिलापुरी का नाम खत्म किया। लेकिन आज भी इसके साक्ष्य हैं कि उर्मिला का मायका यहीं था। हमारे परदादा के दादा ने पूरी वंशावली अयोध्या से लाकर दिया था, वह आज भी सुरक्षित है।
भगवान श्रीराम के वंशज होने का दावा किया कि अयोध्या से हमारे परदादा के दादा उन्हीं के वंश से थे और अब उमरी में पूरा खानदान है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि अयोध्या में श्रीराम के वंशज आज भी हैं और कई स्थानों पर लोग रह रहे हैं।
मुझे पता चला तो मैंने पूरी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को भेज दी है। अब भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण में वंशज की भी जानकारी हो चुकी है, ऐसे में फैसला किया जाए। सोनू ठाकुर का पत्र पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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