श्रावस्ती। राप्ती नदी मधवापुर घाट के पास अपना रास्ता बदल रही है। अब राप्ती सीधे सड़क की ओर रुख कर रही है। इससे सड़क कटने का खतरा बढ़ गया। वहीं राप्ती की धारा अपने डायवर्जन के साथ ही मधवापुर घाट के पुल की ठोकर को काट रही है। इससे ठोकर के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
राप्ती नदी में पड़ोसी देश नेपाल की बारिश का पानी आता है। इसके चलते राप्ती की तेज धारा के कारण उसके रास्ते में बदलाव होता रहता है। अभी हाल में आए बाढ़ के दौरान यह नदी मधवापुर घाट पुल के ठोकर को दक्षिण तरफ काटने लगी थी। जिसके बचाव के लिए उस समय प्रयास किए गए थे।
कुछ दिन बाद बचाव कार्य बंद हो गया था। इसी के बाद राप्ती का जलस्तर कई बार घटा व बढ़ा। इसी बीच नदी पुल के ठोकर को पुन: काटने लगी। इससे पुल का दक्षिणी ठोकर कटकर राप्ती में कभी भी मिल सकता है। वहीं इस कटान के साथ ही राप्ती अपना रास्ता भी यहीं पर बदल रही है।
यदि राप्ती के रास्ते को मोड़ा न गया तो वह सीधे भिनगा-मल्हीपुर मार्ग को अपना निशाना बना लेगी। यदि इस दौरान नदी में बाढ़ की स्थिति बनती है तो यह सड़क कट सकती है। इसके साथ ही पुल भी निष्प्रयोज्य हो सकता है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड मिथलेश वर्मा बताते हैं कि कटान वाले कुछ क्षेत्र को चिन्हित किया गया है। यहां बचाव कार्य की व्यवस्था की जा रही है।
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