*आ• श्री जी के अवतरण दिवस पर निकाली पाठशाला के बच्चो ने शोभायात्रा*

दिगम्बराचार्य, जैनाचार्य संत शिरोमणि आ• भगवन श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के 75 वॉ अवतरण दिवस को अत्यंत भक्ति भाव से श्री वर्णी नगर मड़ावरा में मनाया गया प्रातः काल की पावन वेला में आ• श्री 108 विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला के नन्ने मुन्ने बच्चो के माध्यम से भव्य शोभायात्रा निकाली गई तदुपरांत पूज्य वन्दनीय आर्यिका माँ 105 अदर्शमति माताजी की संगस्थ आर्यिका वन्दनीय आर्यिका माँ 105 अन्तरमति माताजी (पंच आर्यिका माँ) के पावन पुनीत सानिध्य में श्री महावीर विद्याविहार में पूज्य गुरुदेव का मंगलाचरण- कु• निष्ठा जैन, चित्रअनावरण-दीप प्रज्वलन- नगर गौरव अध्यक्ष डॉ विरधी चंद्र जी जैन, श्री संतोष जी जैन (गृहपति संस्कृत महाविद्यालय साडूमल) के करकमलो से किया गया सम्पूर्ण कार्यक्रम में एवं पूज्य आ• भगवन कि पूजन में स्वर लहरिया श्री धर्मेंद्र जैन एंड म्यूज़िकल ग्रुप के माध्यम से लगाई गई, कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री प्रदीप जैन खुटगुवा एवं चेतन जैन के माध्यम से किया गया।
 इसके उपरांत पूज्य आर्यिका माँ अन्तरमति माताजी के हस्थकमलो की लिखी गयी आत्मदर्शी पुस्तक का विमोचन - गौरव अध्यक्ष डॉ विरधीचंद्र जैन, महामंत्री डॉ राकेश जैन सुधीर जैन, सिंघई प्रकाश चंद्र जी राजू सेठी, श्री सनत जैन डॉ पंकज जैन एवं श्री अजित जैन रजोल के हस्थकमलो किया गया।
समाज की गुरुजी की भक्ति के प्रति उत्साह को देखते हुए पूज्य आर्यिका माँ ने गुरु के प्रति अपने समर्पण एवं वात्सल्य को परिभाषित किया पूज्य माताजी ने गुरु जी के जीवनी पर वखान करते हुए कहा-आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का जन्म 10 अक्टूबर 1946 शरद पूर्णिमा को कर्नाटक के बेलगांव जिले के सदलगा ग्राम में हुआ था उनके पिता मल्लप्पा तथा माता श्री मंति ने उनका नाम विद्याधर रखा था कन्नड़ भाषा में हाईस्कूल तक अध्ययन करने के बाद विद्याधर ने 1967 में आचार्य देशभूषण जी महाराज से ब्रह्मचर्य व्रत ले लिया कठिन साधना का मार्ग पार करते हुए आचार्य श्री ने महज 22 वर्ष की उम्र में 30 जून 1968 को अजमेर में आचार्य ज्ञानसागर महाराज से मुनि दीक्षा ली गुरुवर ने उन्हें विद्याधर से मुनि विद्यासागर बनाया 22 नवंबर 1972 को अजमेर में ही गुरुवर ने आचार्य की उपाधि देकर उन्हें मुनि विद्यासागर से आचार्य विद्यासागर बना दिया तथा साथ ही आर्यिका माँ 105 श्री अक्षय मति माताजी एवं 105 श्री अनुग्रह मति माताजी के द्वारा भी गुरुजी के प्रति वक्तव्य स्वरूप अपने भाव प्रकट किये गए।
इस उपलक्ष्य में मिष्ठान का वितरण श्री अजय कुमार अनिल कुमार राजीव कुमार जी जैन रजोला , वीरू शाहपुर, पारस जैन , अजय जैन, मिंटू सिंघई मनीष रजोल एवं श्री वर्णी व्यायामशाला के माध्यम से किया गया। इसी श्रखंला में फल का वितरण श्री अजित कुमार जी जैन रजोल परिवार के माध्यम से किया गया।
 रात्रि में सम्पूर्ण समाज ने मिलकर अपने अपने परिवार के साथ श्री भक्तामर जी के काव्यों के 48 दीपक प्रज्वलित किये साथ में पूज्य आ• भगवन की महाआरती का पुण्य प्राप्त किया, बढ़ते हुए कार्यक्रम की श्रृंखला में आ• श्री विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला की प्रधानाध्यपिक श्री मति ममता जैन जी के कुशल संचालन में एवं सह-अध्यापिकाओं के निर्देशन में नन्ने मुन्ने बच्चो के माध्यम से गुरुजी के जीवन वृतान्त पर नाटिकाएं व गुरु गुणगान स्वरूप एक कवि सम्मेलन का अति सुंदर कार्यक्रम दिखाया गया 

इस सम्पूर्ण कार्यक्रम में अध्यक्ष - राजेंद्र जैन बया, उप कोषाध्यक्ष - सुरेंद्र कुमार जैन (दुकान वाले ) मंत्री - सुमत मोदी बंटी बजाज, रानू ( दुकान वाले) अन्नू सेठी, विक्की सिलोनिया, सजल जैन वैध, अनिल जैन, हर्षित जैन, निवेश जैन, प्रवीण जैन ( रजोला ) एवं पाठशाला के समस्त शिक्षक गण तथा समस्त समाजसेवी संस्थाओं के द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया |

*संवाददाता*
*पं रामजी तिवारी मडावरा*
*जिला ब्यूरो क्राइम खुलासा न्यूज़ ललितपुर*
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