मृत्युभोज खाना खिलाना जघन्य अपराध-- राजा बुन्देला उपाध्यक्ष बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड
वैदिक संस्कृति में कुरीतियों के लिए कोई स्थान नही-- राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा
महरौनी(ललितपुर)-- महर्षि दयानन्द सरस्वती योग संस्थान आर्य समाज महरौनी के तत्वाधान में मृत्युभोज कुप्रथा विषय पर राष्ट्रीय वेविनार का आयोजन फ़िल्म अभिनेता राजा बुन्देला उपाध्यक्ष बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के मुख्य आतिथ्य व राज्यमंत्री माननीय हरगोविंद कुशवाहा उपाध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान यूपी की अध्यक्षता व डॉ श्वेत केतु शर्मा बरेली व योगाचार्य श्रुति विजय सेतिया फरीदाबाद के विशिष्ट आतिथ्य व संयोजक आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य के संचालन में सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि फ़िल्म अभिनेता राजा बुन्देला उपाध्यक्ष बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड झाँसी ने कहा कि मृत्युभोज खाना खिलाना जघन्य अपराध हैं।
हमारा मानव समाज आज संस्कार विहीन हो जाने की बजह से इन कुरीतियों, आडम्बरो,पाखंडों का शिकार हो रहा हैं हमें आने बाली पीढ़ी को सनातन धर्म संस्कृति से जोड़ना पड़ेगा तभी हम समाज को उत्थान की ओर ले जा पाएंगे। महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा रचित क्रांतिकारी ग्रन्थ सत्यार्थ प्रकाश पढ़कर एवं आर्य समाज से जुड़कर ही धर्म और विज्ञान को समझ सकते हैं।
अध्यक्षता करते हुए राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति में कुरीतियो के लिए कोई स्थान नही है इसलिए हम सभी को मृत्युभोज जैसी कुरीतियों का परित्याग करना होगा।
योगाचार्य श्रुति विजय सेतिया फरीदाबाद ने कहा कि हमारी वैदिक संस्कृति में ऐसी सामाजिक कुरीतियो का कोई उल्लेख नही मिलता ।
डॉ श्वेतकेतु शर्मा बरेली ने कहा कि हम भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण जैसे महापुरुषों को मानते हैं तो इन तेरहवीं जैसी कुप्रथाओं को छोड़ना पड़ेगा।
प्रशासनिक अधिकारी ओमप्रकाश राजभर लखनऊ एवं ग्राम विकास अधिकारी झाँसी महिपत सिंह निरंजन तथा राज्यपाल पुरुष्कृत शिक्षक राम जनम सिंह इटावा एवं गन्धर्व सिंह लोधी प्रदेश महामंत्री अखिल भारतीय लोधी महासभा ने कहा कि समाज के सभी प्रबुद्ध वर्ग को एकजुट होकर इन कुरीतियो के प्रति लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
आर्य समाज के प्रधान पण्डित मुनि पुरुषोत्तम वानप्रस्थ ने समूची मानव समाज से निवेदन करते हुए कहा कि यदि हम सनातन वैदिक संस्कृति को बचाना चाहते है तो हमें वेद व शास्त्रों के ऋषियों की परम्परा को पुनः अपनाना पड़ेगा। तभी समाज मे फैली हुई अंधविश्वास पाखण्ड तेरहवीं जैसी कुप्रथाओं को मिटा पायेगें।
वेविनार में धर्मेंद्र कुमार जिज्ञासु फरीदाबाद,रामसेवक निरंजन शिक्षक जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय कुर्मी महासभा,आधार सिंह यादव जिलाध्यक्ष युवा यादव महासभा,घनेद्र सिंह परमार बॉबी राजा,रामेश्वर पाल सिमिरिया,लखन लाल राजपूत,राम उजागर राजपूत,छमाधर प्रसाद शिक्षक,श्याम सुंदर सविता ग्वालियर,रामकुमार सेन अजान,शिवदत्त बरेली,शिवम मिश्रा,सुरेंद्र कुशवाहा,डॉ राम रक्षपाल राजपूत आदि उपस्थित रहें।
संचालन संयोजक आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य एवं आभार गन्धर्व सिंह लोधी प्रदेश महामंत्री अखिल भारतीय लोधी महासभा ने जताया।
क्राइम खुलासा न्यूज़ मडावरा से रामजी तिवारी की रिपोर्ट