पपयागपुर बहराइच जात पात का भेद नहीं बल्कि आम नागरिकों की सेवा करता हूं प्रत्येक वर्ष 11 गरीब कन्याओं का विवाह कराना साथम मुर्दों को कफ़न से लेकर लकड़ी दान करना हमारी मानव धर्म है लगातार चार बार से ग्राम प्रधान हो रहे राम जनक सिंह ने कहां की मेरे पिता जी स्वर्गीय होली सिंह जो बिजली विभाग में कर्मचारी रहे वह संस्कार भी दिया करते थे किस मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है क्योंकि बड़े भाग्य मानुष तन पावा इस सुंदर शरीर जो मिला है गरीब असहाय निर्धन की मदद करें उन्हीं के बताए पद चिन्हों पर आज चल रहा हूं जिससे सारी सुख संसाधन भी मिला है वर्ष 2005 से अब तक पयागपुर गांव की ग्राम प्रधानी चली आ रही है तीन बार मैं स्वयं ग्राम प्रधान बना इस बार मेरी पत्नी सुनीता सिंह प्रधान पद पर आसीन हैं आम नागरिकों की सेवा करता हूं 1000 से अधिक मुर्दों को लकड़ी लेकर अंतिम संस्कार कराया और जब तक इस पृथ्वी पर रहूंगा तब तक गांव की ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता का निस्वार्थ भाव सेवा करता जेडी त्यागीयागपुर बहराइच जात पात का भेद नहीं बल्कि आम नागरिकों की सेवा करता हूं प्रत्येक वर्ष 11 गरीब कन्याओं का विवाह कराना साथम मुर्दों को कफ़न से लेकर लकड़ी दान करना हमारी मानव धर्म है लगातार चार बार से ग्राम प्रधान हो रहे राम जनक सिंह ने कहां की मेरे पिता जी स्वर्गीय होली सिंह जो बिजली विभाग में कर्मचारी रहे वह संस्कार भी दिया करते थे किस मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है क्योंकि बड़े भाग्य मानुष तन पावा इस सुंदर शरीर जो मिला है गरीब असहाय निर्धन की मदद करें उन्हीं के बताए पद चिन्हों पर आज चल रहा हूं जिससे सारी सुख संसाधन भी मिला है वर्ष 2005 से अब तक पयागपुर गांव की ग्राम प्रधानी चली आ रही है तीन बार मैं स्वयं ग्राम प्रधान बना इस बार मेरी पत्नी सुनीता सिंह प्रधान पद पर आसीन हैं आम नागरिकों की सेवा करता हूं 1000 से अधिक मुर्दों को लकड़ी लेकर अंतिम संस्कार कराया और जब तक इस पृथ्वी पर रहूंगा तब तक गांव की ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता का निस्वार्थ भाव सेवा करता जेडी त्यागी
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