नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच प्रथम पर संचालित निकरा परियोजना के अंतर्गत चायनित गांव राजा बौडीं में जायद सब्जी उत्पादन तकनीक  प्रशिक्षण केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ बी पी शाही की की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। डॉ शाही  ने बताया कि रबी की फसल के बाद और खरीफ की फसल की तैयारियों से पहले जायद में सब्जियों की खेती कर किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं। इस दौरान खासतौर से कुष्मांड किस्म की सब्जियां अधिक होती है। इनके पौधे बेलनुमा होते हैं। ये सामान्य मेहनत में अच्छी आमदनी देते हैं। इनमें तरबूज, खरबूजा, कद्दू, तुरई, लौकी, पैठा, चिरचिंडा, परवल, ककड़ी, टिंडा, खीरा और करेला आदि हैं। ये सभी नकदी फसलें हैं । बुआई का समय 1 फरवरी से 10 मार्च के बीच का होता है। इस अ‌वधि में बुआई करने से गर्मी के आगमन तक कटाई की स्थिति बन जाती है। इसी क्रम में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ पी के सिंह ने बताया तापमान और भूमि का सुधार : बेलों वाली इन फसलों के लिए आमतौर पर 25 से 30 डिग्री तक का तापमान जरूरी होता है। इन पर पाले का काफी असर होता है। इनके लिए उपजाऊ दोमट भूमि जहां पानी का निकास अच्छा हो उत्तम रहती है। सब्जियां उगाने से पहले खेत को अच्छी तरह से गहरी जुताई कर तैयार कर लेना चाहिए।बीजोपचार : कुष्मांड कुल की सब्जियों की बुआई से पहले बीजों का उपचार कर लेना चाहिए। बीजों को बावस्टिन एक से डेढ़ ग्राम प्रति किलों की दर से उपचारित कर सकते हैं।सिंचाई : इनकी फसल के लिए ड्रिप सिंचाई श्रेष्ठ रहती है। इससे पौध का संरक्षण ठीक से हो जाता है। परियोजना में कार्यरत यंग प्रोफेशनल को कुशाग्र सिंह ने बताया: इन सब्जियों में उचित उत्पादन लेने के लिए देसी खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें 15 से 20 टन प्रति हैक्टेयर की दर से सड़ा हुआ गोबर का खाद, नत्रजन, 80 से 100 किलो, फास्फोरस 40 किलो, पोटास 40 किलो प्रति हैक्टेयर की दर से काम में लें। देसी खाद, फास्फोरस व पोटास की पूरी मात्रा और नत्रजन की एक तिहाई मात्रा बुवाई के समय भूमि में मिलाकर देवें। शेष नत्रजन को दो बराबर भागों में बांटकर खड़ी फसल में 20-25 दिन बाद व फूल आने के समय देनी चाहिए। परीक्षण के उपरांत कृषकों के मध्य प्याज प्रजात 
एनएचआरडीएफ रेड 4 नर्सरी का वितरण किया गया।प्रशिक्षण में प्रगतिशील कृषक कौशल गुप्ता विवेक तिवारी सर्वजीत सिंह ग्राम प्रधान बौडीं विवेक  रणजीत सिंह प्रताप बहादुर आदि उपस्थित रहे।

खास रिपोर्ट जितेंद्र तिवारी बहराइच
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