मानव समाज के पथ प्रदर्शक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम-- आचार्य भवदेव शास्त्री

सात दिवसीय बाल्मीकि रामायण पर आधारित संगीतमय श्रीराम कथा का दूसरा दिन


महरौनी(ललितपुर)-- महर्षि दयानन्द सरस्वती योग संस्थान आर्य समाज एवं गुरुकुल पौंधा देहरादून के संयुक्त तत्वाधान संयोजक आर्य रत्न लखन लाल आर्य द्वारा आयोजित सात दिवसीय बाल्मीकि रामायण पर आधारित श्रीराम कथा के दूसरे दिन वैदिक विद्वान भवदेव शास्त्री ने ज़ूम एप के माध्यम से श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यज्ञ हमारे जीवन का एक आवश्यक अंग है, और यह एक चिकित्सा विज्ञान है, जिसके द्वारा हम अनेक रोगों का इलाज कर सकते हैं ,उन्होंने अयोध्या नगरी का वर्णन करते हुए भारत के प्राचीन इतिहास से अवगत कराया और बताया कि विमान विद्या, गणित विद्या, भाषा विज्ञान, खगोल विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, यह सभी भारत की ही देन है। इसलिए भारत पूरी दुनिया का गुरु कहलाता था । हमें अपने प्राचीन गौरवशाली इतिहास का ज्ञान होना चाहिए ,जिससे कि हम अपने देश पर गौरव कर सके । हमें अपने शिक्षा व्यवस्था में भी भारत के प्राचीन इतिहास को सम्मिलित करने की आवश्यकता है जिससे कि युवाओं में देश प्रेम जागृत हो।
उन्होंने बताया कि हम केवल परमात्मा से प्रार्थना ही करते हैं लेकिन पुरुषार्थ नहीं करते हमें प्रार्थना के साथ पुरुषार्थ भी करना चाहिए जिससे कि हमारी मनोकामना पूरी हो सके । मनुष्य जैसा सोचता है वैसा ही फल पाता है वैसा ही से प्राप्त कर लेता है , बशर्ते की प्रार्थना के साथ पुरुषार्थी मेहनत करें।
वेविनार को सफल बनाने में मुनि पुरुषोत्तम वानप्रस्थ,शिवदेव आर्य गुरुकुल पौंधा देहरादून आदि का विशेष सहयोग मिल रहा हैं।
संचालन संयोजक आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य एवं आभार राम सेवक निरंजन शिक्षक जिलाध्यक्ष कुर्मी पटेल समाज ललितपुर ने जताया।

क्राइम खुलासा न्यूज़ ललितपुर से जिला ब्यूरो
पं रामजी तिवारी मडावरा
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