संविधान दिवस पर देशभक्ति, सौहार्द, सद्भावना और राष्ट्र सम्मान की शपथ दिलायी।
मड़ावरा(ललितपुर) तहसील पाली अंतर्गत संकुल केंद्र पारौल में ग्राम पंचायत गुरयाना के उच्च प्राथमिक विद्यालय चांदौरा में संविधान दिवस की 72 वीं वर्षगांठ मनायी गयी। इस मौके पर देश की स्वतंत्रता एवं संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महपुरूषों को पुष्पांजलि समर्पित की। बच्चों ने देश भक्ति गीत की सुंदर प्रस्तुति दी। सामान्य ज्ञान, निबंध, सुलेख प्रतियोगिता के बालक वर्ग में अजय, संजू और आकाश एवं बालिका वर्ग में रोहनी, सोमवती और शिवानी ने बाजी मारी। सभी प्रतिभागी बच्चों को बुंदेलखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय सह प्रवक्ता विशाल जैन पवा ने पुरस्कृत किया एवं देशभक्ति, सौहार्द, सद्भावना और राष्ट्र सम्मान की शपथ दिलायी। उन्होने कहा कि आजादी के 75 वर्षों के बाद भी भारतीय संविधान अक्षुण्ण, जीवंत और सतत क्रियाशील बना हुआ है। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है जो तत्त्वों और मूल भावना के नजरिए से अद्वितीय है। डॉ. भीमराव आंबेडकर को संविधान का निर्माता भी कहा जाता है। भारत में संविधान के निर्माण का श्रेय मुख्यतः संविधान सभा को दिया जाता है। इसे पारित करने में दो वर्ष, 11 माह, 18 दिन लगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एआरपी सुरेश कुमार ने कहा संविधान के तीसरे भाग में छह मौलिक अधिकारों का वर्णन किया गया है। मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में इन्हें न्यायालय के माध्यम से लागू किया जा सकता है।
मुख्य अतिथि एआरपी शक्ति सिंह ने कहा धर्मनिरपेक्ष होने के कारण भारत में किसी एक धर्म को विशेष मान्यता नहीं दी गई है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। भारत का संविधान देश का सर्वोच्च कानून है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1976 में 42वें संशोधन के माध्यम से संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द जोड़ा गया था। अन्य वक्ताओं ने भी भारतीय संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला एवं विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में सर्वसमावेशी, समतामूलक, मानवीय मूल्यों एवं अंत्योदय की भावना से पूरित संविधान प्रदान करने वाले हुतात्माओं को कोटिशः नमन किया। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय गुरयाना में इंचार्ज प्रधानाध्यापक संतोष कुशवाहा ने संविधान दिवस की शपथ दिलायी।
क्राइम खुलासा न्यूज़ ललितपुर से जिला ब्यूरो
पं रामजी तिवारी मडावरा