न्यूज पिच्छिका परिवर्तन समारोह 

दिगम्बर साधु-साध्वियों के संयम का प्रमुख उपकरण है पिच्छी :- अंतरमति 

आर्यिका ससंघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह हुआ आयोजित :- 

हर्षोल्लास पूर्वक मना आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज का 50 वां आचार्य पदारोहण दिवस मनाया :- 

आचार्य श्री के 50 वें आचार्य पदारोहण दिवस पर डाक विभाग ने जारी किया आवरण :- 

मडावरा (ललितपुर) वर्णीनगर मडावरा में आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या प्रतिभा स्थली प्रणेता आर्यिका रत्न 105 आदर्शमति माता जी संघस्थ एवं मडावरा नगर में चातुर्मासरत आर्यिका रत्न 105 अंतरमति माता जी ससंघ का चातुर्मास सानंद सम्पन्न हुआ।बताते चलें जैन साधु व साध्वी चातुर्मास के पश्चात पिच्छिका का परिवर्तन करते हैं।
इस दौरान श्रावक नियम व संयम लेकर साधु व साध्वियों को नवीन पिच्छिका प्रदान करते हैं।साधुओं की साधना से वर्षभर में तपस्या के पश्चात पुरानी पिच्छिका को प्राप्त करने का सौभाग्य श्रावकों की मिलता है। नगर में पिच्छिका परिवर्तन समारोह अपार जनसमूह के समक्ष आयोजित हुआ।
 पिच्छिका परिवर्तन समारोह के पूर्व नगर में पिच्छिका की भव्य शोभायात्रा निकाली गई।जिसमें अग्रिम पंक्ति में आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला के नन्हें-मुन्हें बच्चे धर्मध्वजा लेकर चल रहे थे।आदर्श बालिका मंडल की बेटियाँ मंगल कलश लेकर चल रही थीं।
 दिगम्बर जैन स्वस्ति महिला मंडल की सदस्यायें धर्म शास्त्रों को लेकर चल रही थीं।इनके पीछे नगर का दिव्य घोष जैन युवा जागृति सेवा संघ,वर्णी व्यायाम शाला,णमोकार सेवा संघ,नेमिनाथ सेवा संघ का दिव्य घोष एवं वग्गियों में सवार होकर सौधर्म इंद्र व लौकांतिक देव चल रहे थे। शोभायात्रा में महिला मंडल,विद्यासमय कीर्ति मंडल,सर्वोदय बालिका मंडल जुलूस में मंगल कलश लेकर चल रही थीं। शोभायात्रा श्री महावीर विद्याविहार परिसर से प्रारंभ होकर नगर में भ्रमण करते हुए पुनः श्री महावीर विद्या विहार के परिसर में पहुंची।
जहां पर आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण व दीप प्रज्जवलन आगंतुक अतिथियों ने किया। तत्पश्चात अष्ट द्रव्यों से सुसज्जित द्रव्य से सौधर्म इंद्र व लौकांतिक देवों के साथ नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं ने आचार्य श्रेष्ठ का भक्ति मय पूजन किया।इस दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका रत्न 105 अंतरमति माता जी ने कहा कि पिच्छिका को प्राप्त करने का सौभाग्य संयमी के लिए ही होता है।व्रत एवं संयम का पालन करने वाले श्रावक ही पिच्छिका को प्राप्त करने और साधु- साध्वियों को नवीन पिच्छिका को प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। पिच्छिका संयम का प्रतीक है।कार्यक्रम को सबल बनाने में नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं का भरपूर सहयोग रहा।
 चातुर्मास के दौरान अपने कर्तव्यों द्वारा निस्वार्थ सेवाएं प्रदान करने वाले सामाजिक बंधुओं का चातुर्मास समिति के सौजन्य से स्वागत सम्मान किया गया।कार्यक्रम का संचालन विधानाचार्य पं० प्रदीप जैन शास्त्री ने किया।जुलूस व्यवस्था में थानाध्यक्ष मडावरा अमर बहादुर सिंह,उपनिरीक्षक अभयपाल सिंह सहित थाना मडावरा पुलिस बल मुस्तैदी से मौजूद रहा।

इन्हें मिला आर्यिका ससंघ की पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य:- 

विनीता,सुधीर जैन सिंघई,अभिलाषा बजाज, अखिलेश बजाज,रवींद्र कुमार सौंरया,सीमा जैन सौंरया,विनोद जैन अहिंसा, मनीषा जैन, कामिनी जैन,कमलेश जैन को सौभाग्य प्राप्त हुआ 


विमोचन हुआ डाक टिकिट का आवरण :- 

आचार्य श्रेष्ठ के 50 वें आचार्य पदारोहण दिवस के अवसर पर भारतीय डाक एवं तार विभाग द्वारा जारी आवरण का विमोचन किया गया। इस दौरान उप डाकघर मडावरा में भी डाक टिकट आवरण का अनावरण पोस्ट मास्टर खूबचंद्र वर्मा एवं समाज के गणमान्य नागरिकों के मध्य किया गया।

क्राइम खुलासा न्यूज़ ललितपुर से जिला ब्यूरो
पं रामजी तिवारी मडावरा
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