आर्यिका श्री अक्षयमति माता जी की सात उपवास के बाद हुई पारणा - 

उपवास कर्म निर्जरा का प्रमुख साधन :- अंतरमति 

मडावरा(ललितपुर) आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या प्रेरणास्थली प्रणेता आर्यिका मां आदर्शमति माता जी की संघस्थ आर्यिका रत्न 105 अंतरमति माता जी के सानिध्य में नगर की ह्रदय स्थली श्री महावीर विद्या विहार में चातुर्मास चल रहा है।चातुर्मास में पर्यूषण पर्व के दौरान आर्यिका श्री अक्षयमति माता जी ने सात उपवास किए। उपवास के बाद आर्यिका श्री अंतरमति माता जी ने पारणा करायी।आर्यिका श्री की पारणा कराने का सौभाग्य पदमचंद्र,सुमत कुमार,सुभाष मोदी परिवार को प्राप्त हुआ। मौदी परिवार ने इस पुण्य सौभाग्य पर दिगम्बर जैन समाज मडावरा का भजनों का बुलौआ आयोजित कर उपहार बांटे। 
इस दौरान आर्यिका श्री अंतरमति माता जी ने कहा उपवास कर्म निर्जरा का प्रमुख है।उपवास आत्मा को शक्ति प्रदान करता है , अगर आत्मा को सुख हो तभी धर्म हो सकता है।चातुर्मास समिति के महामंत्री डां० राकेश सिंघई ने बताया कि पर्यूषण पर्व के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विशेष सहयोग प्रदान करने पर जैन युवा जागृति सेवा संघ के म्यूजिक डायरेक्टर धर्मेंद्र सराफ,अध्यक्ष प्रदीप सिंघई,प्रदीप घिया एवं वर्णी व्यायाम शाला के सदस्य प्रदीप जैन खुटगुंवा,अनिल जैन,साहिल बजाज का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डां० राकेश सिंघई ने किया।

*पं रामजी तिवारी मडावरा*
*जिला ब्यूरो क्राइम खुलासा न्यूज़ ललितपुर*
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