खबर संकलन के दौरान दैनिक समाचार पत्र के संपादक से पुलिस ने की अभद्रता। पत्रकार का तोड़ा मोबाइल। 

मो  अलीम


    सीतापुर। खबर संकलन के दौरान एक दैनिक समाचार पत्र के संपादक के साथ घाटमपुर पुलिस ने अभद्रता करते हुए पत्रकार के मोबाइल को तोड़ दिया।
      एक तरफ देश एवं प्रदेश की भाजपा सरकार रोज-रोज पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है रे और कह रही है पत्रकारों के साथ अभद्रता करने वालों 24 घंटे के अन्दर जेल भेजने की कार्यवाही करते हुए उनसे कम से कम ₹50000 का जुर्माना वसूला जाएगा दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की पुलिस समय-समय पर बेइज्जत करने से बाज नहीं आ रही है। उत्तर प्रदेश में तो खबरों का संकलन करना बेहद टेढ़ी खीर साबित हो रहा है प्रशासन की कमी उजागर होते देख पुलिस प्रशासन पत्रकार को बेइज्जत करने में जरा सा भी गुरेज नहीं कर रहा है।
       जानकारी के अनुसार कानपुर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र विशाल विचार के संपादक अंकुर शुक्ल घाटमपुर के नौरंगा में समाचार संकलन के लिए हुए थे वहां पर घाटमपुर थाने के उपनिरीक्षक अपने हमराही आरक्षियों के साथ पैदल मार्च कर रहे थे। उप निरीक्षक राजेश कुमार ने पत्रकार की गाड़ी पर "प्रेस" लिखा हुआ देखा गाड़ी पर "प्रेस" देखकर पक्का पा रहा उप निरीक्षक का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने संपादक से कहा कि लाक डाउन चल रहा है आप कैसे घूम रहे हो। उप निरीक्षक के कहने पर संपादक ने अपना परिचय बताया जिस पर उप निरीक्षक आग बबूला होकर पत्रकार को गालियों से नमाजते हुए संपादक का मोबाइल तोड़कर  संपादक के साथ हाथापाई शुरू कर दी। पुलिस के व्यवहार से दुखी संपादक बिना खबर कवरेज किए वापस अपने कार्यालय पर चले आए और जानकारी मीडिया कर्मियों को दी । संपादक के साथ हुई अभद्रता की जानकारी और सुनकर घाटमपुर सहित कानपुर के पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया है।  
     इस सम्बन्ध में जब कानपुर साउथ के जिम्मेदार पुलिस प्रशासन से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि पत्रकार के पास गाड़ी के कागजात साथ में नहीं थे और गाड़ी पर लिखा हुआ था, किसी भी वाहन पर प्रेस या पुलिस लिखा होना अपराध की श्रेणी में आता है। गाड़ी पर प्रेस लिखा होने के कारण दरोगा ने वाहन को रोका था और गाड़ी के कागजात भी साथ में पत्रकार के पास नहीं थे। इसी को लेकर पत्रकार के साथ कुछ वाद विवाद हुआ होगा आप प्रार्थना पत्र दें मैं जांच करा लूंगा। संपादक के साथ पुलिस द्वारा की गई अभद्रता को लेकर पत्रकार समाज में रोष व्याप्त है।
     लगातार पत्रकारों पर हो रहे हमलों से स्पष्ट हो रहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में  देश का चौथा स्तम्भ कहा जाने वाले पत्रकार सुरक्षित नहीं है। जिस प्रदेश की सरकार पत्रकारों की सुरक्षा करने में असहाय हो  तो उस प्रदेश की आम जनता की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगना जायज है।
       दैनिक समाचार पत्र के संपादक से घाटमपुर पुलिस के द्वारा की गई अभद्रता से व्यथित होकर दैनिक विशाल विचार के सहायक संपादक जितेन्द्र कुमार बाजपेई, स्थानीय संपादक पुनीत कुमार मिश्र के साथ साथ क्रान्तिकारी पत्रकार परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि अपनी कथनी और करनी को समाप्त कर समय समय पर दिये जा रहे वक्तव्यों/ बयानों पर गौर करते हुए प्रकरण में तत्काल जांच कराकर दोषी पुलिस कर्मी के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।
खास रिपोर्ट नीरज जैन झांसी
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