कलयुग में कल्पवृक्ष के समान है श्रीमद्भागवत कथा अनूप ठाकुर महाराज

  
जिला हरदोई के नकटौरा नहर के पास ग्राम रामपुर लाल जी में आज सोमवार से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ असलापुर धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक अनूप ठाकुर महाराज ने प्रथम दिवस की कथा को सुनाकर किया ठाकुर जी ने कहा
श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य की सभी इच्छाओं को पूरा करती है यह कल्पवृक्ष के समान है। आवश्यक है कि मनुष्य इसे निर्मल भाव से सुनें और सत्य धर्म के मार्ग का पालन करें, 
कथा व्यास अनूप महाराज ने कहा कि जो भागवत कथा ही साक्षात कृष्ण है और जो कृष्ण है वही साक्षात भागवत है। भागवत कथा भक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। भागवत की महिमा सुनाते हुए कहा कि एक बार नारद जी ने चारों धाम की यात्रा की, लेकिन उनके मन को शांति नहीं हुई नारद जी वृंदावन धाम की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि एक सुंदर युवती की गोद में दो बुजुर्ग लेटे हुए थे, जो अचेत थे। युवती बोली महाराज मेरा नाम भक्ति है। यह दोनो मेरे पुत्र है, जिनके नाम ज्ञान और वैराग्य है। यह वृंदावन में दर्शन करने जा रहे थे। लेकिन बृज में प्रवेश करते ही यह दोनों अचेत हो गए। बूढे़ हो गए। आप इन्हें जगा दीजिए। इसके बाद देवर्षि नारद जी ने चारों वेद, छहों शास्त्र और 18 पुराण व गीता पाठ भी सुना दिया। लेकिन वह नहीं जागे। नारद ने यह समस्या मुनियों के समक्ष रखी। ज्ञान -वैराग्य को जगाने का उपाय पूछा। मुनियों के बताने पर नारद जी ने हरिद्वार धाम में आनंद नामक तट पर भागवत कथा का आयोजन किया। मुनि कथा व्यास और नारद जी मुख्य परीक्षित बने। इससे ज्ञान और वैराग्य प्रथम दिवस की ही कथा सुनकर जाग गए।
अनूप महाराज ने कथा को सुनाकर सभी भाव विभोर कर दिया इस अवसर परिक्षित रनवीर, ज्ञानू कुशवाहा, करन मिश्रा,सूर्यप्रताप मिश्रा, राजेश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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