परशुराम सेना प्रकोष्ठ ने अपने साथ-साथ महिला प्रकोष्ठ मातृशक्ति को भी उत्तर प्रदेश में सफलता की ओर बढ़ाने का प्रयास जारी  महेंद्र तिवारी

*रिपोर्ट विनोद कुमार मिश्र बहराइच*




उत्तर प्रदेश  में करीब 75 जिले हैं लगभग जिसमें बहराइच काफी चर्चित है ब्राह्मण संगठनों के माध्यम से आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सैकड़ों संगठन ब्राम्हण हित में कार्य कर रहे हैं परंतु अपनी एक अलग पहचान बनाने वाला अंतरराष्ट्रीय ब्राम्हण महा संस्था इकाई परशुराम सेना प्रकोष्ठ ने लगभग उत्तर प्रदेश के समस्त जिलों में अपनी टीम तैयार कर ली और फिर महिला प्रकोष्ठ का कार्यक्रम शुरू किया गया जिसमें महिलाओं के मान सम्मान की रक्षा करते हुए महिला प्रकोष्ठ को भी आगे बढ़ाने पर विशेष चर्चा की गई जिसमें परशुराम सेना प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र तिवारी जी एवं प्रदेश सह नियुक्ति प्रभारी सिद्धनाथ अवस्थी जी व राष्ट्रीय सचिव शत्रुधन पाण्डेय जी के आज्ञा अनुसार एवं प्रदेश प्रभारी पंडित विष्णु शुक्ला जी के निर्देशानुसार सर्वेश मिश्रा जिला बहराइच को प्रदेश सचिव आईटी सेल अतिरिक्त प्रभार दिया गया इसी क्रम में बहराइच जिला अध्यक्ष स्नेह शुक्ला व श्रावस्ती जिला अध्यक्ष आशीष मिश्रा की पदोन्नत की गई और प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया गया जिसमें, बहराइच जिलाध्यक्ष महोदया कंचन पांडेय जी की खास चर्चा पर श्रीमती शिल्पी मिश्रा जी को परशुराम सेना महिला प्रकोष्ठ जिला उपाध्यक्ष महिला मातृशक्ति बहराइच नियुक्त किया गया एवं दिव्या तिवारी महिला जिला उपाध्यक्ष कानपुर परशुराम महिला प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश व आरती मिश्रा जिला सचिव बहराइच  परशुराम महिला प्रकोष्ठ मातृशक्ति  उत्तर प्रदेश शिखा तिवारी संस्था सदस्य लखनऊ परशुराम महिला प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश नियुक्त किया गया और बहराइच जिले के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश में परशुराम सेना प्रकोष्ठ अपनी पहचान बना चुका है जिसके माध्यम से गरीब ब्राह्मणों की मदद एवं उनके ऊपर हो रहे अपराध के खिलाफ आवाज उठाने का कार्य करता चला  आ रहा है उत्तर प्रदेश परशुराम सेना प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र तिवारी जी ने कहा कि मेरे साथ जुड़ा हर एक सदस्य की मेहनत आज रंग लाई है और मैं सभी सदस्य व पदाधिकारी गणों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई देना चाहूंगा आज मुझे यह कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है हमारा ब्राह्मण समाज जागरूक हो रहा है और काफी संख्या में लोग संगठन से जुड़कर अपने आप को ब्राह्मण समाज की एकता में मोतियों की तरह एकत्रित होकर माला बनने की साहसी कदम उठा  रहा है।
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