अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस- 10 दिसम्बर
पर बड़ी खबर कम्युनिटी पुलिस ऑफिसर्स रोकेंगे मानवाधिकार हनन की घटनाएं :-श्री गजराज आचार्य

अवैध ब्याजखोरों को बताया  समाज के शोषक व राष्ट्रद्रोही । ब्याजखोरों के विरूद्व आगाज- सेवा बैंक की स्थापना । देशभर में 1000 सेंटर्स को संचालित किया जाएगा।

नेशनल कम्युनिटी पुलिसिंग बोर्ड ( भारत सरकार द्वारा निबंधित स्वतंत्र शासी निकाय )  के मुख्य समन्वयक एवं महानियंत्रक श्री गजराज आचार्य ने बताया कि मानवाधिकार हर व्यक्ति का नैसर्गिक या प्राकृतिक अधिकार है। इसके दायरे में जीवन, आज़ादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार आता है। इसके अलावा गरिमामय जीवन जीने का अधिकार, राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकार भी इसमें शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए मानवाधिकार संबंधी घोषणापत्र में भी कहा गया था कि मानव के बुनियादी अधिकार किसी भी जाति, धर्म, लिंग, समुदाय, भाषा, समाज आदि से इतर होते हैं। रही बात मौलिक अधिकारों की तो ये देश के संविधान में उल्लिखित अधिकार है। ये अधिकार देश के नागरिकों को और किन्हीं परिस्थितियों में देश में निवास कर रहे सभी लोगों को प्राप्त होते हैं।
यहाँ पर एक बात और स्पष्ट कर देना उचित है कि मौलिक अधिकार के कुछ तत्त्व मानवाधिकार के अंतर्गत भी आते हैं जैसे- जीवन और वैयक्तिक स्वतंत्रता का अधिकार। भारत ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन और राज्य मानवाधिकार आयोगों के गठन की व्यवस्था करके मानवाधिकारों के उल्लंघनों से निपटने हेतु एक मंच प्रदान किया है। भारत में मानवाधिकारों की रक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग देश की सर्वोच्च संस्था के साथ-साथ मानवाधिकारों का लोकपाल भी है। उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश इसके अध्यक्ष होते हैं। यह राष्ट्रीय मानवाधिकारों के वैश्विक गठबंधन का हिस्सा है। साथ ही यह राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों के एशिया पेसिफ़िक फोरम का संस्थापक सदस्य भी है। NHRC को मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्द्धन का अधिकार प्राप्त है। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम,1993 की धारा 12(ज) में यह परिकल्पना भी की गई है । श्री आचार्य ने आज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर सामुदायिक पुलिस ऑफिसर्स परियोजना की नींव रखते हुए देश के ब्याजखोरों पर हमला बोला । देश के जाने माने सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता श्री आचार्यजी कई राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय संगठनों व महा संगठनों के सक्रिय पदाधिकारी है जो अपनी बेबाक कार्यशैली, निष्पक्षता व निडरता के लिए प्रसिद्ध है तथा इनके फॉलोअर्स की संख्या देश व विदेशों में बड़ी संख्या में मौजूद है। साधारण व्यक्तित्व की छवि के साथ रहने वाले श्री गजराज आचार्य मूलतः कुचामन राजस्थान के रहने वाले है एवं वर्तमान में ब्यावर शहर राजस्थान में निवास करते है । इनका मानना है कि देश की अर्थ व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था का सबसे बड़ा नुकसान सूदखोरों ने किया है ! ये लोग देशद्रोही से कम नही है इन लोगो के विरुद्ध समाज के शोषण के मुकदमे दर्ज होने चाहिए । देशभर में प्रसासन के साथ हमारे प्रोग्राम के माध्यम से जनहित रेफरल शिविरों का आयोजन प्रस्तावित है । देशभर के सूदखोरों व ब्याजखोरों के विरूद्व अभियान चलाकर हमारे कम्युनिटी पुलिस ऑफिसर्स इन देशद्रोही - समाज द्रोहियों को बेनकाब करेंगे तथा सूदखोरों की बेनाम चल-अचल सम्पतियों को जब्त करवाने में अहम भूमिका निभाकर समाज के कमजोर पीड़ित परिवारों के मानवाधिकारों व संवैधानिक अधिकारों के हनन सम्बन्धी घटनाओं को चिन्हित कर के जेल का रास्ता दिखाएंगे ।
गरीब व कमजोर वर्ग के लिए नेशनल कम्युनिटी पुलिसिंग प्रोग्राम बोर्ड के महासमन्वयक श्री आचार्य ने सेवा बैंक परियोजना तैयार कर राष्ट्र को समर्पित की । ज्ञात हो कि सेवा बैंक परियोजना के प्रथम चरण के केम्पेन में मेम्बर्स को बिना ब्याज 1,000 से 10,000 एवं द्वितीय चरण में 20,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण सहायता के रूप में उपलब्ध करवाए जाएंगे।
श्री आचार्य ने आज की सामुदायिक बैठकों में ब्याजखोरों कई अवैध तरीको से वसूलियों पर पुलिस की अनदेखी पर भी सवाल उठाए साथ ही ब्याजखोरों को हरामखोर तक कहा । उन्होंने कहा कि ये लोग समाज मे दीमक की तरह गरीबो की अर्थ व्यवस्था को चौपट कर उनका खून चूसने का काम कर रहे है। अपने छोटे छोटे बच्चों व स्वयं के घर की कामकाजी महिलाओं के नाम से सम्पतियाँ संचित कर रहे । 
संवाददाता के एक प्रश्न पर श्री आचार्य ने कहा कि भारतवर्ष में सहकारी व्यवस्था बहुत ही पुरानी है लेकिन उसके कुछ नियम कायदे होते है । भारत मे सामाजिक लेनदेन प्रथा पर प्रहार करते हुए कहा कि बहुत से ब्याजखोर अपने समाज या अडोस पड़ोस अथवा स्थानीय स्तर पर कुछ रुपयों का लेनदेन करते करते गरीब लोगों के मकान, जेवर, जायदाद व स्टाम्प एवं खाली चेक तक अवैध तरीको से कब्जा ले लेते है और कई बार तो पीड़ित परिवारों के साथ मारपीट करना, गाली गलौज करना, अवैध रूप से बंधक बनाने जैसी घटनाएं भी देखी जाती है । ये सब घटनाएं मानवाधिकार का खुलम खुला हनन है व सरकार की अनदेखी है तथा पीड़ितों को उनके अधिकारों का ज्ञान नही होने की वजह से अक्सर वो लोग शोषण का शिकार होते है एव कई बार आत्महत्याएं जैसी जघन्य घटनाएं घटित होने की सुर्खियां समाचार बनती है। 
आचार्य जी ने हेल्पलाइन जारी करते हुए पीड़ितों के लिए 24 घण्टे के लिए मोबाईल नम्बर 
94139-76179
93520-06179
93520-06189
सार्वजनिक करते हुए बताया कि किसी भी बड़े ब्याजखोर की सूचना पीड़ित व्यक्ति दे सकते है जिससे उनके मानवाधिकार हनन व शोषण के खिलाफ हम सख्त कार्यवाही करवा सके। इस अवसर पर नेशनल कम्युनिटी पुलिसिंग प्रोग्राम ( भारत सरकार द्वारा निबंधित स्वतंत्र निकाय ) के मीडिया समन्वयक श्री शत्रुंजय सिंह  के हेल्पलाईन नम्बर 74140-27776 एवं श्री भेरूसिंह राठौड़ के हेल्पलाईन नम्बर 97999-88158 एवं श्री जी़तेन्द्र तिवारी 99193-21023 के नम्बर को भी जनहितों के लिए जारी किया गया।
*प्रेषक:-जीतेन्द्र कुमार तिवारी*
सम्पादक क्राइम खुलासा न्यूज एवं
प्रदेशअध्यक्ष भ्रष्टाचार मिटाओ सेना उ०प्र०
राष्ट्रीय महासचिव{युवा बिंग}भारतीय मीडिया फाउंडेशन 09919321023/6306439722
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