*पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए जी जान से जुटा है पशु चिकित्सालय हलधरमऊ।*
गोण्डा/करनैलगंज- बरसात के मौसम में पालतू पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए हलधरमऊ के पशु चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी जी जान से जुटे हुए हैं। 

बरसात के मौसम में पशुओं में गला घोंटू, खुरपका मुंहपका, लंगडी रोग और पीपीआर जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक होता है। पशुओं को इन बीमारियों से बचाने के लिए हलधरमऊ के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ केके कबीर सहित संपूर्ण स्टाफ जी जान से जुटा हुआ है जिससे क्षेत्र में यह बीमारियां अब तक नहीं फैलने पायी हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर केके कबीर ने बताया कि बरसात के मौसम में पशुओं में प्राय: गला घोंटू की बीमारी हो जाती है इससे बचाव के लिए क्षेत्र के 4300 पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। 

इसी प्रकार खुरपका मुंहपका नामक बीमारी के टीके छ:-छ: माह के अंतराल पर लगते हैं जो सितंबर माह में लगाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि लंगड़ी रोग मुख्यत: गौ वंशीय पशुओं में होता है। यह कभी कभार एक आध पशुओं में होता है जबकि भेड़ बकरियों में पीपीआर नामक बीमारी होती है जिसमें भेड़ बकरियों को बुखार, डायरिया, निमोनिया आदि की शिकायत होती है। इस बीमारी से बचाव के लिए चार हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हम पूरे क्षेत्र पर पैनी नजर रखे हुए हैं तथा हमारे सभी कर्मचारी भी जी जान से जुटे हुए हैं जिससे अब तक इन बीमारियों से किसी भी पशु के पीड़ित होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
*रिपोर्ट मोहित कुमार गोण्डा *
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