बताओ पूरी दुनिया मे कहीं इतिहास हो एक भी,कि नारी पीठ पर नवजात शिशु ले युद्ध करती हैं-- दिनेश यागिक रायसेन

 

लक्ष्मीबाई जयंती एवं आजादी अमृत महोत्सव पर कवि सम्मेलन  

ललितपुर-- महर्षि दयानन्द सरस्वती योग संस्थान आर्य समाज के तत्वाधान में आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन संयोजक आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य के संचालन एवं पण्डित बाबूलाल दुबे मानस मधुप की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
जिसमें राष्ट्रीय कवि दिनेश यागिक रायसेन ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर कविता पाठ करते हुए कहा कि "वो गोरों से भी लड़ती है अमर इतिहास गड़ती है 
आन पर आग के पोखर से भी होकर गुजरती है,बताओ पूरी दुनिया में कहीं इतिहास हो इक भी, कि नारी पीठ पर नवजात शिशु ले युद्ध करती है" ने खूब वाह वाह लूटी।

इंद्रप्रस्थ गुरूकुल फरीदाबाद से राष्ट्रीय कवि धर्मेश अविचल ने "वक्त है अब लेखनी तू काम कर तलवार का,
जिंदगी जिंदादिली से शब्द भर हुंकार का।जन-गण मन की चेतना अब जाग जाए पढ़ तुझे,छोड़कर श्रंगार अब तू रूप लिख अंगार का।।
   हिंदी साहित्य भारती उत्तर प्रदेश महामंत्री डॉ चैतन्य चेतन ने "जहां चुनौती कठिन लगे तुम मुझको वहीं अंडा देना।जहां तुम्हारे पग थक जायें आगे मुझे बड़ा देना।। करना न संकोच तनिक भी मातृभूमि की रक्षा के। राष्ट्र यज्ञ में सबसे पहले मेरा शीश चढा देना"।

आकांक्षा बुन्देला मिदरवाहा ललितपुर ने अपनी ओजस्वी वाणी में " नाम मनु था मरदानी थी जो गोरों की खाई बनी, 
बुन्देलखण्ड की रानी थी जो सबकी लक्ष्मीबाई बनी! ।।


सतीश यादव समर्थ मैनपुरी ने "नेहा का कर समर्पण,वतन के लिए ।गेह का कर समर्पण , वतन के लिए।। है समर्पण बिना , व्यर्थ ही जिंदगी । देह का कर समर्पण, वतन के लिए।।

महेश योगी क्रांतिकारी दिल्ली ने "ईमान बेच देते हैं अमन बेच देते हैं 
बाग बेच देते हैं चमन बेच देते हैं 
किस को बखसेंगे गद्दार नेता लोगो,
 सरहद के सपूतों का जब कफन बेच देते हैं"।।


नेमि चन्द्र व्योम छिंदवाड़ा ने "तुम विश्व कुटुम्ब मानने वाले आर्यों की संतान हो। पर क्षमा भूलकर मत करना जब दुश्मन पाकिस्तान हो, पर तुम मानवता के गायक, तुम विश्व शान्ति के पोषक,सर्व धर्म समभाव प्रवर्तक, बन्धुत्व अहिंसा उद्घोषक। 'शठ से शठता'यह श्रेष्ठ नीति क्या मन निश्चय कर पाएगा। क्या करोगे?द्वारतक दुश्मन जो चलकरआएगा।

घनश्याम दास पनवाड़ी महोबा ने " धरती ने बोला अंबर से,नदियों ने बोला सागर से,कुर्बानी गले लगाकर के,मिट्टी ने लहू सजाकर के,बोला है औ बोलेगा हर इंसान यहां का सच्चा, कोई मुल्क नही होगा मेरे भारत से अच्छा"।।

रवि कुशवाहा नाराहट ने " मर जाऊंगी मिट जाऊंगी, मैं मानूंगी हार नहीं l
एक इंच भी झांसी दे दूं, यह मुझको स्वीकार नहीं" ll

रामेश्वर गुप्ता मोदी बड़ागांव झाँसी ने "बढ़ा दो उम्र मेरी, देकर सहारा,
खुशियाँ लुटाने को जी चाहता है,,
रोज़ मिलते हैं गलती औरों की बताने बाले,, जो ख़ुद की गलती बताये, उसे ढूंढ़ रहा हूँ,,"।।

अखिलेश त्रिपाठी पुलिस विभाग बानपुर ने "नारी जब रंगती है भक्ति के रंग में तो , मीरा मनमोहन दीवानी बन जाती है।पुत्र मोह त्यागती है राष्ट्र के लिए तो वह , पन्ना धाय जैसी बलिदानी बन जाती है।सेवा भाव वाला भाव मन में जगाती है तो , मदर टेरेसा सी निशानी बन जाती है।शिशु पृष्ठ बांध वह लड़ती है रण मध्य , वीरता में झांसी वाली रानी बन जाती है।

संजय सदर ललितपुर ने " अरे उसने खूब तरीके से सैनिक कर्तव्य निभाया है, जिसकी जय जय कार हुई,बो भारत पे भी छाया है,,
दुश्मन के घर में घुस कर ही ,, काट दिए उनके सर को,,
बो बर्धमान अभिनंदन है जो पाकिस्तान घूमकर आया है"।।

रामजी राजा परमार बिरधा ने "कटी जंग मे सांगा कि बोटी बोटी शर्मिंदा हैं,
दुराचारी खिलजी ने रावल पर धोखे से वार् किया,वह दृश्य अभी तक हम हिन्दुस्तानियो के दिलो मे जिंदा हे"।।

सत्यदेव श्रीवास्तव बदांयू ने कविता पाठ् करते हुए "यूं तो दुनिया में देखे हमने तरह-तरह के मेले है,जिसने वेद पठन पाठन छोड़ा दुख ही निशदिन झेले हैं,ब्राह्मण ठाकुर जाट नहीं है,आर्य तखल्लुस है अपना,
कोई पूछे तो कह देना कि हम दयानंद के चेले है" ।।

वेविनार में जिला पंचायत सदस्य अमर सिंह विश्वकर्मा घुटारी,मुनि पुरुषोत्तम वानप्रस्थ, कवि राम नरेश निरंजन,रामकुमार राजूपत ठेकेदार आदि सहित सैकड़ों लोगों उपस्तिथ रहें।
संचालन संयोजक आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य एवं आभार छामाधर अहिरवार शिक्षक ने जताया।

क्राइम खुलासा न्यूज़ ललितपुर से जिला ब्यूरो
पं रामजी तिवारी मडावरा की रिपोर्ट
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