#श्रीमद्भागवत_कथा के अमृत रसपान से कटते हैं सारे पाप - पं सौरभकृष्ण शास्त्री कलश यात्रा के साथ आरंभ हुई पहले दिन की श्रीमद्भागवत कथा, कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
ललितपुर। सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा के पहले दिन गांधीनगर नई बस्ती ग्राम सभा के कुए के पास से विशाल कलश यात्रा निकाली गयी। जहां महिलाओं ने पीले वस्त्र पहनकर सिर कलश व नारियल रखकर नगर में शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा में हाथ में श्रीमद्भागवत ग्रंथ लिए कथावाचक पं सौरभ कृष्ण शास्त्री आगे आगे चल रहे थे, तो साथ में मुख्य यजमान व श्रद्धालु पीछे चल रहे थे। साथ में ढोल नगाड़ों के बीच श्रद्धालुओ ने जमकर नृत्य किया । वृंदावन धाम से पधारे पं सौरभ कृष्ण शास्त्री व्यास पीठ पर बैठने से पहले भगवान श्री कृष्ण सहित अनेक देवी-देवताओं का आवाहन किया। पहले दिन भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परमहंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। अधिक मास में इसके श्रवण का महत्व है। भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है।भागवत कथा को लेकर युगों युगों से मान्यता है कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है तब ऐसा अनुष्ठान शुरू होता है। श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी भी पाप मुक्त हो जाता है। कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानव जाति तक पहुंचता रहा है। भागवत महापुराण उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है जो वेदों से प्रवाहित होती चली आ रही है। इसीलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का बखान करते हुए कहा कि सबसे पहले सुकदेव मुनि ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाया था। उन्हें सात दिन के अंदर तक्षक के दंश से मृत्यु होने का श्राप मिला था। कथा अमृत का पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है। इस मौके पर मनमोहन चौबे, भरत रावत, करणी सेना जिलाध्यक्ष बंटू महाराज सनातनी, गौ सेवा मंडल अध्यक्ष सुनील पटैरिया, रत्नेश दीक्षित, ललित रावत, बाह्मण महामंडल अध्यक्ष राजेश दुबे, जितेंद्र परमार, सुरेन्द्र पाल सिंह गौर, नीलेश पटेल प्यासा, राममूर्ति तिवारी, धर्मेंद्र पटैरिया, दीपक त्रिपाठी, रामकुमार पुरोहित, धर्मेंद्र यादव, राजेंद्र जैन, शिवम् तिवारी सहित अनेकों श्रद्धालु मौजूद रहे।

क्राइम खुलासा न्यूज़ ललितपुर से जिला ब्यूरो
पं रामजी तिवारी मडावरा
أحدث أقدم