*जब पुलिस प्रशासन बना गूंगा बहरा, तो आम जनमानस का उठा भरोसा*



*जिले में 182 स्थानांतरण होने के बावजूद भी 14 सितंबर को हुए स्थानांतरण में देहात कोतवाल का  कोतवाली पर अभी भी  कब्जा बरकरार* 



*सूत्रों की माने तो  पुलिस अधीक्षक के  सबसे चहेते    है। देहात कोतवाली  के  कमाऊ कोतवाल संतोष तिवारी*   







बताया जा रहा है कि संतोष तिवारी का  अभी महीनों पहले अंतर्जनपदीय स्थानांतरण बहराइच के लिए हुआ  था। लेकिन पुलिस अधीक्षक के चहेते होने के कारण अभी तक देहात कोतवाली पर अपना कब्जा बरकार रखे हुए है। कोतवाल साहब के  ना जाने का कारण जाने के लिए महिला  पत्रकार ने दूरभाष के जरिए एसपी गोण्डा संतोष कुमार मिश्रा के सीयूजी नंबर पर  10 नवम्बर 2021 को संपर्क किया था उस दिन कई बार फोन करने के बाद शाम  6:00 बजे के समय पर फोन उठने के बाद कहा बताए मैडम क्या समस्या है।  पत्रकार द्वारा  जैसे स्थानांतरण  के बारे में जानकारी चाही गई तभी से फोन को कट करके काली सूची में डाल दिया गया है।  
इस प्रकरण को देखते हुए   पुलिस अधीक्षक का कोई बयान न मिलने से पुलिस  विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा हैं और तो और गोण्डा पुलिस अपने कर्तव्यों से बिल्कुल विमुख होते ही नजर आ रही है जबसे इसकी खबर चली है तभी से मिडिया सेल के कर्मचारियों के द्वारा  फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा जा रहा हैं। और न गोण्डा पुलिस ट्वीट का कोई जवाब देना अपना कर्तव्य मानती है 
जबकि महिला पत्रकार के ट्वीट से नाराज कोतवाल देहात ने सूत्रों के माध्यम से फर्जी मुकदमें में फंसाने की  धमकी तक दे डाली है। जबकि खबर चलने के बाद गोण्डा पुलिस अधीक्षक के द्वारा पौने दो सौ से भी ज्यादा जिले से लेकर मंडल तक स्थानांतरण किया गया जिसमे 8 निरीक्षक तक शामिल है लेकिन देहात कोतवाल का स्थानांतरण 14 सितंबर को होने के  बाद भी अभी देहात कोतवाली पर अपना कब्जा बनाए रखे हुए है
रिपोर्ट पुनीता मिश्रा गोण्डा
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