उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म -

"उत्तम ब्रह्मचर्य मन लावैं,नर-सुर सहित मुकति फल पावै"- 

नगर में निकाली गई श्री जी की भव्य शोभायात्रा - 

ब्रह्मचर्य धर्म मुक्ति पथ को दिखलाता- अंतरमति 

मडावरा(ललितपुर) वर्णीनगर मडा़वरा में पर्वराज पर्यूषण पर्व के दसवें दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म एवं पयूर्षण पर्व के समापन पर अनंत चतुर्दशी का पर्व उत्साह पूर्वक मनाया गया। आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका रत्न 105 आदर्शमति माता जी की संघस्थ आर्यिका श्री 105 अंतरमति माता जी,अनुग्रहमति,अक्षयमति,निर्मदमति,ध्यानमति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में नगर की ह्रदयस्थली श्री महावीर विद्याविहार के परिसर में प्रात:काल दैनिक नित्य क्रियाओं में श्री जी का अभिषेक,शांतिधारा सम्पन्न हुई। शांतिधारा करने का सौभाग्य 

घनश्यामदास,आलोक कुमार,अभिषेक जैन डोंगरा,प्रवीण कुमार,नितिन कुमार,विपिन कुमार सीए, शनि सौंरया परिवार,विनोद कुमार,अंकित जैन सौंरई,अजित कुमार,अंकुर कुमार सौंरई, कमलेश कुमार,मनोज कुमार सौंरई परिवार को प्राप्त हुआ।अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर भगवान वासुपूज्य का निर्वाण लाडू चढाया गया। निर्वाण लाडू चढाने का सौभाग्य सवाई सिंघई धीरेंद्र जैन,सुनील कुमार सिंघई परिवार,सिंघई कंछेदी जैन,सुनील कुमार,अनिल जैन सिंघई परिवार,प्रमोद कुमार,धर्मेंद्र कुमार,भूपेंद्र कुमार कुम्हैडी परिवार को प्राप्त हुआ। रात्रि में आदर्श बालिका मंडल द्वारा नित्या जैन के निर्देशन एवं स्वस्ति बालिका मंडल के तत्वावधान में आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला की प्राचार्या ममता जैन के निर्देशन में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।दोपहर में नगर में श्री जी की भव्य शोभायात्रा आर्यिका ससंघ के पावन सानिध्य में निकाली गई। जिसमें दशलक्षण पर्व में उपवास करने वाले पात्रों को धर्मध्वजा लेकर अग्रिम पंक्ति में चलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जुलूस श्री महावीर विद्या विहार के परिसर में पहुंचा वहाँ पर श्रीजी का अभिषेक किया गया।इस दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका श्री 105 अंतरमति माता जी ने कहा कि आत्मरमण का नाम ही ब्रह्मचर्य है। विषय कषायों से विरक्त हुई शक्ति के परिवर्तन को ब्रह्मचर्य कहा जाता है। उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का पालन करने में सेठ सुदर्शन,विजय और विजया प्रसिद्ध हुए हैं। ब्रह्मचर्य धर्म का पालन दिगम्बर मुनिराज करते हैं। आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज इस युग के श्रेष्ठ संत हैं। आचार्य श्री की चर्या को देखकर ऐसे लगता है कि दिगम्बर संत ब्रह्मचर्य धर्म का पालन करते हैं। ब्रह्मचर्य धर्म का पालन करने वाले श्रावक मुक्ति के पथ पर चलकर मोक्ष पद को प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं जैन युवा जागृति सेवा समिति,वर्णी व्यायाम शाला,आदिनाथ सेवा संघ,नेमिनाथ सेवा संघ,णमोकार सेवा संघ,महावीर सेवा संघ,दिगम्बर जैन स्वस्ति महिला मंडल,विद्यासमय कीर्ति मंडल,आदर्श बालिका मंडल संस्थाओं का विशेष योगदान रहा।कार्यक्रम का संचालन डां० राकेश सिंघई ने किया। 

आज होगी पारणा :-

चातुर्मास समिति के महामंत्री डां० राकेश सिंघई ने बताया कि दशलक्षण पर्व के अवसर पर उपवास करने वाले श्रावक,श्राविकाओं की पारणा आर्यिका अंतरमति माता जी के सानिध्य में श्री महावीर विद्या विहार में सम्पन्न होगी।

फोटों कैप्सन :- 

01- अनंत चतुर्दशी के पर्व पर श्री जी की शांतिधारा करते हुए श्रद्धालु- 

02- नगर में निकाली गई भव्य शोभायात्रा

*पं रामजी तिवारी मडावरा*
*जिला ब्यूरो क्राइम खुलासा न्यूज़ ललितपुर*
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