इच्छाओं पर नियंत्रण रखना ही तप है -
अंतरमति 

प्रतिभा स्थली की बेटियाँ हुई सम्मानित-

सुगंध दशमी पर हवन कुंडो में विसर्जित की गई धूप - 

मडावरा (ललितपुर) वर्णीनगर मडा़वरा में दशलक्षण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म के अवसर पर आर्यिका रत्न 105 अंतरमति, माता जी ससंघ के सानिध्य में नगर की ह्रदय स्थली श्री महावीर विद्याविहार के परिसर में प्रात:श्री जी का अभिषेक, विश्व में मंगल कामना हेतु शांतिधारा की गई।
शांतिधारा करने का सौभाग्य विनय कुमार,नीरज जैन दुकान वाला परिवार,सेवानिवृत्त प्रवक्ता रमेशचंद्र जैन,डां०अभिषेक जैन,वैदिक जैन,अनिल कुमार,संतोष बजाज,निर्मल कुमार,दीपक कुमार,प्रवीण जैन दुकान वाला परिवार,रूपचन्द्र,दीपक जैन सौंरई परिवार,प्रकाश चंद्र,मोनू,सोनू जैन पठा परिवार को प्राप्त हुआ। उत्तम तप धर्म के अवसर पर आदर्श समूह बालिका मंडल को पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सामूहिक पूजन में श्रद्धालुओं ने दशलक्षण पूजन, सुगंध दशमी के पर्व विशेष पर भगवान शीतलनाथ की पूजन,दशलक्षण विधान आदि धार्मिक क्रियायें सम्पन्न की।इस दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका रत्न 105 अंतरमति माता जी ने कहा कि कर्मों का क्षय करने के लिए जो तप किया जाता है वहीं तप है।तप दो प्रकार का होता है अंतरंग और वहिरंग। व्यक्ति अपने जीवन में त्याग व तपस्या करता है वही तप है।तप के द्वारा व्यक्ति महान बनता है।ऋषि -मुनि अपनी आत्मा का कल्याण करने के लिए तप करते हैं।उत्तम तप धर्म का सातवां लक्षण है।उन्होंने कहा अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण पाना ही तप है।तप के द्वारा व्यक्ति नर से नारायण भी बन सकता है।कर्मों के क्षय के लिए जो तपा जाता है वही तप है।आचार्यों ने भी कहा है कि इच्छाओं पर नियंत्रण रखना  तप है। कार्यक्रम का संचालन डाँ० राकेश जैन सिंघई व प्रदीप जैन खुटगुंवा ने संयुक्त रूप से किया।  

रात्रि में प्रतिभास्थली की बेटियों ने किमी जैन के निर्देशन में प्रेरणादायक नाटिकाएं प्रस्तुत की। चातुर्मास समिति के स्वागताध्यक्ष सवाई सिंघई धीरेंद्र कुमार जैन,महामंत्री डां० राकेश सिंघई ने बेटियाँ को सम्मानित किया। चातुर्मास के कार्यक्रमों को प्रमुखता से प्रकाशित कराने के लिए पत्रकार कृष्ण कुमार पांडे,विजय सिंह सेंगर,इमरान खांन,मान सिंह,रामजी तिवारी का चातुर्मास समिति ने आभार जताया। 

सुगंध दशमी पर्व पर महिलाओं रखा उपवास :- 
चातुर्मास समिति के महामंत्री डां० राकेश सिंघई ने बताया कि दशलक्षण पर्व में दसमी की तिथि को सौभाग्यवती महिलाएं व्रत रखकर उपवास करती हैं।नगर की महिलाओं ने भी उपवास रखकर भगवान शीतलनाथ की पूजन की।पूजन के उपरांत नगर के ग्यारह जिनालयों के दर्शन किए।मंदिरों में रखे हवन कुंड में विश्व में कोरोना रोग से मुक्ति मिले इसी मंगल भावना से धूप को विर्सजित किया। 

फोटों 
01- अष्ट द्रव्य से दशलक्षण पूजन करती हुई आदर्श समूह बालिका मंडल की बेटियाँ- 

02- सम्मान प्राप्त करते हुए प्रतिभास्थली की बेटियाँ

*पं रामजी तिवारी मडावरा*
*जिला ब्यूरो क्राइम खुलासा न्यूज़ ललितपुर*
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