*जेसीबी मशीनों से हो रहा मनरेगा योजना में काम, जिम्मेदारों के संरक्षण में श्रमिकों के हक पर पड़ रहा डाका।*
*कछौना(हरदोई)।* अपने गांव में ही श्रमिकों को अधिक से अधिक काम मिले ताकि वे काम के लिए दूसरे राज्यों/शहरों में पलायन ना करें, इसके लिए मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्य सृजित किया जाता है लेकिन हरदोई जनपद के विकासखंड कछौना में इस योजना में ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है।क़ोरोना संकटकाल में शहरों से गांव लौटे मजदूर भी बेरोजगार के बेरोजगार ही रह गए हैं।श्रमिकों को जीवनयापन के लिए अपने गांव में ही मनरेगा योजना के अंतर्गत काम मिलने के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं।ग्राम प्रधान, सचिव व रोजगार सेवक की मिलीभगत से जेसीबी मशीन से काम कराकर मजदूरों के काम के अधिकार का जमकर हनन किया जा रहा है।
ऐसा ही एक मामला कछौना ब्लॉक की ग्राम पंचायत पतसेनी देहात में देखने को मिला है।जहां सोमवार को ग्राम प्रधान मुख्तार द्वारा निराश्रित पशु आश्रय स्थल(गौशाला) में मनरेगा योजना के तहत होने वाले काम को मजदूरों के बजाए जेसीबी मशीन से कराया जा रहा था।जेसीबी संचालक, ग्राम प्रधान व ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से जेसीबी मशीन का उपयोग करके मजदूरों के पेट पर लात मारी जा रही है।जिम्मेदार नागरिकों द्वारा उक्त मामले की शिकायत जब विभागीय अधिकारियों से की गई तब सभी ने इस मामले पर लीपापोती करनी शुरू कर दी है।वहीं इस संदर्भ में जब कछौना के खंड विकास अधिकारी प्रमोद कुमार अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रधान अपने व्यक्तिगत तौर पर ये काम करवा रहा है।
बताते चलें कि कछौना विकासखंड क्षेत्र में इन दिनों कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत कार्य कराए जा रहे हैं।ज्यादातर काम मजदूरों के बजाय मशीनों से करवा लिया जाता है और फिर इसका पैसा जॉबकार्ड लगाकर निकाल लिया जाता है।विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों व ग्राम प्रधान, सचिव, ग्राम रोजगार सेवक की मिलीभगत से पहले तो जेसीबी मशीन से काम करवाया जाता है और बाद में योजना के मस्टर रोल में दर्ज कर दिया जाता है।सामान्यतः पहले तो किसी को पता नहीं चल पाता है और अगर पता चल भी जाए तो ग्राम प्रधान के निजी पैसों से काम होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है और बाद में फिर योजना के अंतर्गत काम दिखाकर पैसों का बंदरबांट कर लिया जाता है।विभागीय अधिकारियों व ग्राम प्रधानों की जुगलबंदी का आलम यह है कि सैकड़ों मजदूरों के पेट पर लात पड़ रही है और काम के अभाव में वो फिर शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
*_रिपोर्ट ➖ ब्यूरो चीफ शिवम कुमार अस्थाना
( जनपद हरदोई )