पसगवां खीरी - ग्राम पंचायत बरखेरिया जाट में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर वृन्दावन से पधारे स्वामी श्रवण कृष्ण ठाकुर जी के निर्देशन में श्री कृष्ण लीला का मंचन किया गया जिसमें लीला का संचालन कर रहे व्यास अभिषेक मिश्र शाश्त्री ने बताया कंश जब अपनी बहन देवकी तथा बहनोई वसुदेव को रथ में बिठा कर स्वयं सारथी बन देवकी को उसकी ससुराल भेजने जा रहा था । तभी मार्ग में आकाशवाणी हुई देवकी तथा वसुदेव के द्वारा उत्पन्न अष्टम सन्तान कंश का काल होगी ऐसा सुन कंश ने देवकी वसुदेव को बंदीगृह में कैद करा दिया । तथा देवकी के गर्भ से उत्पन्न एक एक कर 6 संतानों की हत्या कर दी । सातवें गर्भ को हरि की माया ने गोकुल में वसुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी के गर्भ में स्थापित कर दिया जहां शेषावतार बलराम का जन्म हुआ। कंश को सूचना मिली कि देवकी का सातवां गर्भ नष्ट हो गया अब आठवीं संतान की बारी है ये सुनकर कंश ने सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी। लेकिन हरि की माया के प्रभाव से कंश की सारी व्यवस्थाएं धरी रह गईं । भाद्र मास की अष्टमी तिथि की अर्द्धरात्रि में भगवान कृष्ण ने कंश के बंदीगृह में ही जन्म लिया हरि की इच्छा से वसुदेव के द्वारा कृष्ण को गोकुल में नंदबाबा यसोदा के गृह में पहुंचाया गया । लीला का मंचन देख दर्शक भावविभोर हो गए । लीला में अभिनय कर रहे कलाकारों ने अपना अनुभव बताया अवधेश अवस्थी ने कहा जब मैं कंश का अभिनय करता हूं तो सच में कृष्ण हमारे दुश्मन प्रतीत होते हैं। 9 वर्ष की कन्या राधा ने बताया मैं जब कृष्ण के स्वरूप में आती हूं तो बहुत से लोग मुझसे भांति-भांति के आशीर्वाद मांगते हैं तब मैं सोचती हूं कहीं मैं भगवान तो नहीं हो गई हूं। लीला का आनन्द प्राप्त कर रहे कमेटी के लाल बहादुर कनौजिया,लल्लू सिंह, राम लखन गुप्ता, आशीष सिंह,दीपू गुप्ता,प्रांशू गुप्ता, सहित हजारों की संख्या में आए दर्शकों ने सभी कलाकारों की भूरि- भूरि प्रशंसा की ।
रिपोर्ट- संदीप कुमार जीतू