स्थानीय हस्त-निर्मित उत्पादो को बढ़ावा देने हेतु जिलाधिकारी के निर्देशन में आयोजित किया जायेगा तीन दिवसीय मेला।
पीलीभीत  जिलाधिकारी पुलकित खरे के मार्ग दर्शन में दिनांक 11.11.2020 से दिनांक 13.11.2020 तक उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित महिला स्वयं सहायता समूह के द्वारा एवं माटीकल शिल्पियों व कारीगारों द्वारा निर्मित प्राकृतिक उत्पादकों को जन-सामान्य तक सुगमता से पहुॅचाने के उद्देश्य से एक मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी पीलीभीत द्वारा दिनांक 11.11.2020 को प्रातः 10ः00 बजे गांधी स्टेडियम प्रांगण, पीलीभीत में किया जायेगा। 
यह नवीन पहल दिवाली के शुभ अवसर पर आत्म निर्भरता का संदेश देते हुए ग्रामीण क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं व माटीकला शिलिपियों एवं कारीगारों द्वारा निर्मित विभिन्न प्रकार की सामग्री यथा दिया, मोमबत्ती, दोना पत्तल, डलिया, गरम मसाले, आचार, देशी-घी, शहद, दरी-आसन, कारचोबी के लहंगा/साड़ी/सूट, जलकुम्भी के रेशो से बने बैग, तथा मशरूम आदि उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचेगे। 
बिक्री हेतु मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के समूहों व कुम्हार भाईयों द्वारा दिपवाली से सम्बन्धित हस्त-निर्मित सामग्री की बिक्री उचित मूल्य पर स्वावलम्बन के साथ की जायेगी। इस मेले खासकर ऐसे समूहों और माटी शिल्पियों को स्थान दिया जा रहा है जिनको सामान्यतः मेले में प्रतिभाग करने का मौका नही मिलता है, विशेष कर दूर ग्रामीण क्षेत्रों के इन कलाकारों को मुख्य धारा में लाकर सीधे अपने उत्पाद ग्राहकों को बेचनें का मौका दिया जा रहा हैं। 
 अतः समस्त जनपदवासियों से अनुरोध है कि उक्त मेले में प्रतिभाग कर हस्त निर्मित सामग्री क्रय करने का कष्ट करें, जिससे ग्रामीण अंचलों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा माटी कला शिल्पियों एवं कारीगारो द्वारा निर्मित सामग्री का व्यापाक प्रचार प्रसार हो सकेगा व क्षेत्र की जनता को क्षेत्रीय उत्पादों के उपभोग का अवसर मिल सके एवं दीपावली पर्व के दृष्टिगत उक्त मेले के आयोजन से समूहों की महिलाओं एवं कुम्हार भाईयों के हस्त कौशल का उचित मूल्य भी प्राप्त हो सकेगा जिससे दीपावली पर्व पर इनके घरों में भी खुशियों के दीप प्रज्जवलित हो पाएंगे। मेले के माध्यम से प्रशासन प्रदूषण एवं प्लास्टिक मुक्त प्राकृतिक तरीकों से दीपावली का त्योहार मनाने का संदेश देने का प्रयास कर रहा है।
आयोजित मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों के अन्तर्गत बिलसण्डा से वारिस समूह द्वारा जरीकारचोबी/सिलाई, शिव शक्ति समूह द्वारा मिट्टी के दिये, माया स्वयं सहायता समूह द्वारा देशी घी, बरखेडा से महावीर समूह द्वारा मशरूम, अलमदान समूह द्वारा कुम्हारी कला, बीसलपुर से शिवशंकर समूह द्वारा दोना पत्तल, महादेवा समूह द्वारा मशाला आचार सूखा प्याज लहसुन, मार्डन समूह द्वारा दरी, आसान, मरौरी से श्रद्वा समूह द्वारा जलकुम्भी का बैग, विकास समूह द्वारा मास्क, स्कूल डेªस, शनि देव समूह द्वारा शहद, ललौरीखेड़ा से सहेली समूह द्वारा शहद, दम मदार समूह द्वारा जरी जरदोजी, ऊनी झालर, गुड, चना, पूरनपुर से बचत समूह द्वारा कारचोबी का लहंगा, साड़ी, सूट, मास्क, गणेश समूह द्वारा कारचोबी का लहंगा, साडी, सूट, मास्क, अमरिया से शुभ समूह द्वारा मोमबत्ती, प्रगति समूह द्वारा मशरूम आदि समूहों द्वारा स्टाल लगाया जायेगा। कुम्हारी कला के अन्तर्गत पूरनपुर के माटी कला शिल्पकार श्री सतेन्द्र कुमार, श्री रामचन्द, श्री तारा चन्द्र द्वारा मूर्ति का स्टाल, बीसलपुर से श्री कृष्ण कुमार, श्री पूरनलाल द्वारा दीपक, कुल्ड, हाडी, गमला, सदर तहसील से श्री राजेन्द्र कुमार, श्री नरेश कुमार, जगदीश कुमार, शंकर लाल, बृज लाल, छेदालाल, चेतराम, रोजश, इन्द्रजीत, पातीराम द्वारा दीपक सहित अन्य सामग्री के स्टाल लगाये जायेगें। शिल्पकार सरिता द्वारा शर्ट, लोअर, मो0 कासिम द्वारा लहंगा, सूट, साड़ी, जरी, कढ़ाई से सम्बन्धित उत्पादकों का स्टाल लगाया जायेगा। तहसील कलीनगर से नरेश कुमार, मुन्ना लाल, हरीशंकर द्वारा भी मूर्ति व दीपक के स्टाल लगाये जायेगें।
 खास रिपोर्ट भूपेंद्र शर्मा पीलीभीत
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