दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज ने भाजपा का हवाला देते हुए प्रोफ़ेसर को बाहर का रास्ता दिखाया
समाज में ऐसी धारणा है कि शिक्षा का क्षेत्र ही ऐसा क्षेत्र है जहां लोगों में काफी हद तक सामाजिक भेदभाव का समाप्त हो जाता है | दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलतराम कॉलेज में जिम्मेदार पदों पर बैठे हुए व्यक्ति गैर जिम्मेदाराना तरीके से वहां के अध्यापकों का शोषण करने के लिए तरह तरह का षड्यंत्र रचते हैं | दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज में वहां की प्रिंसिपल द्वारा बीजेपी के नाम पर अध्यापकों का शोषण करने का मामला सामने आया है कुछ अध्यापक थे जो सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ के आवाज सोशल मीडिया के माध्यम से उठाते थे | वहां की प्रिंसिपल सविता राय ने बीजेपी का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सरकार है| अपनी मनमर्जी के हिसाब से जो भी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएगा वह उनसे उनके नौकरी छीन लेगी | कुछ दिन बाद दौलत राम कॉलेज में अध्यापन कराने वाली अध्यापक डॉ ऋतु सिंह को गैर कानूनी तरीके से कॉलेज से बाहर का रास्ता दिखा दिया| उनसे छात्रों को पढ़ाने के अधिकार से वंचित कर दिया| इस मामले को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के अध्यापकों ने मिलकर प्रिंसिपल के खिलाफ नारेबाजी की और उनको कॉलेज में अध्यापन कराने के लिए कहा| सविता राय जो बार-बार संघ का हवाला देते हुए कहती है कि उनके प्रशासन के कोने कोने में बैठे हुए हैं कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता| इस पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षक संगठनों ने मिलकर कहा है कि दौलत राम कॉलेज घेराव करेंगे और यह र तब तक जारी रखा जाएगा जब तक गैरकानूनी तरीके से निकाले गए अध्यापकों को प्रशासन वापस नहीं ले लेता|