पीड़ित पत्रकार के समर्थन में आई पत्रकार समाज कल्याण समिति
बरखेडा(पीलीभीत) पिछले 3 महीने से न्याय के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहे पीड़ित पत्रकार विमलेश कुमार जब हर तरफ से न्याय पाने की उम्मीद खो चुके तो ऐसे समय में पत्रकार समाज कल्याण समिति उनके जीवन में एक आशा की नई किरण बनकर आई जिसमें आज पत्रकार समाज कल्याण समिति के सभी पदाधिकारी गण सामूहिक रूप से एकत्रित होकर पीलीभीत जिलाधिकारी से मिली और पीड़ित पत्रकार विमलेश की व्यथा को रखा जिस पर जिला अधिकारी ने पीड़ित पत्रकार को दोबारा जांच का आश्वासन देते हुए पीड़ित पत्रकार से अपनी शिकायत लिखित रूप में देने के लिए कहा आपको बताते चलें कि पीलीभीत के श्रद्धा गोदान हॉस्पिटल में पीड़ित पत्रकार ने अपनी पत्नी श्रीमती रीना को 23 अक्टूबर 2019 को प्रातः 5:30 प्रसव पीड़ा का दर्द  होने पर हॉस्पिटल में एडमिट कराया था जहां डॉक्टर शैलेंद्र गंगवार  द्वारा मरीज का ऑपरेशन से पूर्व जांच किए बगैर ऑपरेशन कर दिया गया और ऑपरेशन के बाद मरीज को दें यूनिट ब्लड बद्दो इन प्लाजमा चला गया जिसके बाद रात्रि में मरीज के दर्द उठने पर एक इंजेक्शन लगाया इंजेक्शन लगने के बाद मरीज कोमा में चला गया और होश में नहीं आया सुबह जब अपने मरीज की हालत बिगड़ती देख पीड़ित पत्रकार ने डॉक्टर से पूछा तो उन्होंने बताया कि मरीज को पी लिया था इसमें कोई भी डॉक्टर ऑपरेशन नहीं करता लेकिन मैंने कर दिया और अब आप के मरीज का बचना मुश्किल है इसे आप  कहीं भी ले  जाएं जब पीड़ित पत्रकार ने डाक्टरों से अपने मरीज का रेफर पर्चा मांगा तो डॉक्टर शैलेंद्र गंगवार ने पीड़ित पत्रकार से ₹18600 और मांग जबकि पीड़ित ₹25000 पहले ही जमा कर चुका था उसके बाद भी पीड़ित ने ₹4000 और जमा कर अपने मरीज का रेफर पर्चा देने का डॉक्टर से अनुरोध किया लेकिन डॉक्टर ने रेफर पर्चा नहीं दिया अपने मरीज की बिगड़ती हालत को देखते हुए पीड़ित पत्रकार मरीज को बरेली को श्रीनाथ मेडिसिटी हॉस्पिटल ले गया जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन केबाद गलत इंजेक्शन लगाए जाने  से मरीज का ब्रेन डेड बताते हुए इलाज शुरू कर दिया 29 अक्टूबर 2019 को इलाज के दौरान ही मरीज की मृत्यु हो गई जिस पर पीड़ित ने डॉक्टर शैलेंद्र पर लापरवाही से ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए जिला अधिकारी से शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी जिस पर जिला अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 5 दिन में जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ने जांच रिपोर्ट में सिर्फ डॉक्टर शैलेंद्र गंगवार का पक्ष रखते हुए उसे निर्दोष साबित कर दिया जिस पर आज पीड़ित पत्रकार  विमलेश कुमार पत्रकार समाज कल्याण समिति के सम्मानित सदस्यों के साथ जाकर जिला अधिकारी से मुलाकात की और निवेदन किया कि निम्न बिंदुओं जैसे
(1)
प्रार्थी द्वारा गोदान हॉस्पिटल में मरीज दिनांक 23 दस 2019 को प्रातः 5:30 भर्ती किया गया था लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा उसे जांच रिपोर्ट में प्रातः 7:00 दिखाया गया है
(2) प्रार्थी की जांच रिपोर्ट से छेड़छाड़ की गई
(3) श्रद्धा गोदान हॉस्पिटल में डॉ सविता गंगवार के नाम पर जो बोर्ड लगा है उसमें महिला चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता ना लिखकर उन्हें विशेषज्ञ लिखा गया।
(4) दिनांक 23 2019 से 24 वर्ष 2019 तक कि प्रार्थी को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई जाए
(5) प्रार्थी के मरीज की आरोग्यं पैथोलॉजी में जो जांच की गई है उन जाटों का रिकॉर्ड निकलवा कर समय की पुष्टि करें
(6) प्रार्थी को उसके मरीज के पक्के बिल का परिचय प्रदान कराया जाए
आदि मांगों को लेकर पत्रकार समाज कल्याण समिति ने जिलाधिकारी से मिलकर इन मांगों पर जल्द से जल्द जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की जिलाधिकारी से मिलने वालों में पत्रकार समाज कल्याण समिति के सभी पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे
खास रिपोर्ट भूपेन्द्र शर्मा पीलीभीत
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