चित्रकूट

गरीब परिवार के बच्चों का रखेंगे विशेष ख्याल:विधायक
तीनों स्कूलों के पूरे स्टाफ को मिली प्रतिकूल प्रविष्टि
डीआईओएस और बीएसए ने की कार्यवाही

चित्रकूट:- मानिकपुर विधायक आनंद शुक्ला ने मऊ तहसील क्षेत्र के मंडौर गांव के तीन विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान बंद मिले इन विद्यालयों में भारी अवस्थाएं मिलने पर विधायक ने गहरी नाराजगी जाहिर की। जिसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तीनों विद्यालयों के समस्त स्टाफ को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए प्रधानाध्यापकों पर भी अस्थाई वेतन वृद्धि रोकने के साथ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दिया है।क्षेत्र के ज्यादातर गरीब परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं।ऐसे में जिले की शिक्षण व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मानिकपुर विधायक आनंद शुक्ला ने क्षेत्र के मंडौर गांव के प्राथमिक विद्यालय भाग-1, भाग-2 और उच्च प्राथमिक विद्यालय मंडौर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान तीनों विद्यालयों में बडे़ पैमाने पर खामियां मिली।इस पर विधायक ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल लापरवाह शिक्षकों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इसके चलते शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम और जिला बेसिक शिक्षाधिकारी प्रकाश सिंह ने संयुक्त रूप से तीनों स्कूलों का निरीक्षण किया।जिसमें प्राथमिक विद्यालय मंडौर भाग-1 में निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापक सुधीर, सहायक अध्यापक शाहिद हुसैन, शिक्षामित्र रामगोपाल व नीलिमा उपस्थिति मिली।मौके पर कुल 39 छात्र उपस्थित मिले।जबकि पूर्व की तिथियों में 82 और 98 छात्र उपस्थित दर्शाए गए थे।शौचालय का कार्य अपूर्ण पाया गया। इसी प्रकार भाग-2 में प्रधानाध्यापक कुमार गौरव,शिक्षामित् ओमचंद्र और रेनू उपस्थित मिले यहां भी माध्यम भोजन के मामले में पूर्व की तिथि में दर्शाई गई छात्र संख्या के आधार पर गड़बड़ी नजर आई इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय मंडौर में भी माध्यम भोजन और विद्यालय में टाइल्स लगाने के कार्य में गड़बड़ी नजर आई जिसके बाद संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है विधायक के निरीक्षण और उसके बाद हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है मानिकपुर विधायक आनंद शुक्ला का कहना है कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया है ऐसे में इस इलाके में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से कराना उनकी पहली प्राथमिकता है विद्यालयों के शिक्षकों को समय से आना चाहिए और निर्धारित समय तक विद्यालय में रुककर गुणवत्ता युक्त शिक्षण कार्य करना चाहिए।


✍ रिपोर्ट अभिषेक द्विवेदी
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