सबलगढ़। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द्र की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस पर नगर के मिडिल स्कूल परिसर में गुरुवार को बौद्धिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसस दौरान युवा खेल समूह के पदाधिकारियों ने मेजर ध्यानचन्द्र के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मेजर ध्यानचन्द्र को हॉकी का जादूगर कहा जाता था। गुरुवार को उनको 114 वां जन्मदिवस है। खेल जगत की दुनिया उन्हें दद्दा कहकर बुलाती थी। 16 वर्ष की आयु में वे सेना से जुड़े। 1928 के ऑलंपिक गेम में वे सबसे ज्यादा गोल दागने वाले खिलाड़ी बने। क्रिकेट के महा बल्लेबाज सर डॉॅन ब्रैडमैन ने अपनी 1935 में मेजर ध्यानचन्द्र के साथ हुई मुलाकात के बाद कहा था। कि ध्यानचन्द्र ऐसे गोल दागते हैं जैसे क्रिकेट में रन। उनकी हॉकी में जादू था। इस अवसर पर योगेश उपाध्याय, पूरन मुद्गल, पवन राठौर, राहुल सोनी, आशुतोष शुक्ला, प्रभान्शु सोनी, दुर्गेश शर्मा, चन्दा खा, रमन शुक्ला, आयूष सोनी आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
सबलगढ़। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द्र की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस पर नगर के मिडिल स्कूल परिसर में गुरुवार को बौद्धिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसस दौरान युवा खेल समूह के पदाधिकारियों ने मेजर ध्यानचन्द्र के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मेजर ध्यानचन्द्र को हॉकी का जादूगर कहा जाता था। गुरुवार को उनको 114 वां जन्मदिवस है। खेल जगत की दुनिया उन्हें दद्दा कहकर बुलाती थी। 16 वर्ष की आयु में वे सेना से जुड़े। 1928 के ऑलंपिक गेम में वे सबसे ज्यादा गोल दागने वाले खिलाड़ी बने। क्रिकेट के महा बल्लेबाज सर डॉॅन ब्रैडमैन ने अपनी 1935 में मेजर ध्यानचन्द्र के साथ हुई मुलाकात के बाद कहा था। कि ध्यानचन्द्र ऐसे गोल दागते हैं जैसे क्रिकेट में रन। उनकी हॉकी में जादू था। इस अवसर पर योगेश उपाध्याय, पूरन मुद्गल, पवन राठौर, राहुल सोनी, आशुतोष शुक्ला, प्रभान्शु सोनी, दुर्गेश शर्मा, चन्दा खा, रमन शुक्ला, आयूष सोनी आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
